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Business Idea : कमाल का बिजनेस, लागत कम मुनाफा ज्‍यादा, कुछ ही सालों में बना देगा गाड़ी-बंगले का मालिक

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SB News Digital Desk, नई दिल्ली: Business Idea : कमाल का बिजनेस, लागत कम मुनाफा ज्‍यादा, कुछ ही सालों में बना देगा गाड़ी-बंगले का मालिक, कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिनकी मांग हमेशा होती है. चाहेकोई भी मौसम या परिस्थिति आए, उनकी मांग बनी ही रहती है. सदा ही डिमांड में रहने वाली वस्‍तुओं में मसाले भी शामिल हैं. मिर्च पाउडर से लेकर धनिया, हल्‍दी, काली मिर्च और गर्म मसालों के बिना खाने की कल्‍पना ही नहीं की जा सकती. देश में बारह महीने रहने वाली इसी मांग ने मसालों के बिजनेस को एक आकर्षक व्‍यवसाय बना दिया है. अगर आपका इरादा भी कोई बिजनेस करने का है तो आप मसाला बनाने का काम (Masala Making Unit) शुरू कर सकते हैं. लोगों में बढ़ती जागरूकता के कारण अब स्‍थानीय स्‍तर पर बनाए जाने वाले मसालों की मांग में जबरदस्‍त इजाफा हो हुआ है. इसी वजह से आप छोटे स्‍तर पर ही यह काम शुरू करके मोटा मुनाफा कमा सकते हैं.

 
इस बिजनेस की खास बात यह है कि इसे शुरू करने में ज्‍यादा पैसा खर्च करना नहीं होगा. अगर आप यह काम अपने घर पर शुरू करते हैं, तो इसमें आपको ज्‍यादा बचत होगी. अगर आपको स्वाद और फ्लेवर की समझ और बाजार की कुछ नॉलेज है तो यह बिजनेस आपके लिए ही बना है. अगर आप उच्‍च गुणवत्‍ता के मसाले बनाते हैं और सही मार्केटिंग रणनीति अपनाते हैं, तो कुछ ही वर्षों में आपके वारे-न्‍यारे हो सकते हैं.

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने मसाला यूनिट स्‍थापित करने में होने वाले खर्च और कमाई पर एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, मसाला बनाने की यूनिट लगाने में 3.50 लाख रुपये का खर्च होगा. 300 वर्ग फुट बिल्डिंग शेड बनाने पर 60,000 रुपये खर्च होंगे. मशीनों पर 40,000 रुपये लगेंगे. इसके अलावा, काम शुरू होने पर होने वाले खर्च के लिए 2.50 लाख रुपये की जरूरत होगी. मसाला पिसाई और पैकिंग के लिए शुरूआत में बड़ी मशीनों की जरूरत नहीं होती है. छोटी और मशीनों से काम चल सकता है. काम बढ़ने पर आप अपनी यूनिट की क्षमता बड़ी मशीनें लगाकर बढ़ा सकते हैं.

मसाला बनाने की यूनिट में काम आने वाली मशीनें लगभग हर बड़े शहर में मिल जाती हैं. मिर्च, हल्‍दी, धनिया इत्यादी मसालों को पीसने के लिए चक्‍की की आवश्‍यकता होती है. ये बहुत ज्‍यादा बड़ी नहीं होती और इनकी कीमत भी कम ही होती है. आप इन्‍हें ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं. हल्दी, काली मिर्च, सूखी मिर्च, जीरा, धनिया आदि का उपयोग कच्‍चे माल के रूप में होता है. इन्‍हीं को पिसकर ही पैकिंग करके बेचा जाता है. ये भी आसानी से लगभग हर शहर में मिल जाते हैं. या‍ फिर आप इन्‍हें थोक में किसी ऐसी जगह से ले सकते हैं, जहां ये बड़ी मात्रा में बिकने को आते हैं.

 

खादी और ग्रामोद्योग आयोग की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल में 193 क्विंटल मसाले का उत्पादन किया जा सकता है. अगर इन्‍हें 5,400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा जाए तो साल में 10.42 लाख रुपये की बिक्री हो सकती है. इसमें सारे खर्चे घटाने के बाद सालाना 2.54 लाख रुपये का मुनाफा होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोई व्‍यक्ति किराये की जगह अपने घर में इस बिजनेस को शुरू करता है तो मुनाफा और बढ़ जाएगा. घर में बिजनेस शुरू करने पर कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट घट जाएगा और प्रॉफिट बढ़ेगा.

 

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