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जैसलमेर में हिरण शिकार के बाद वन विभाग व बिश्नोई समुदाय के बीच गतिरोध की स्थिति, विभिन्न मांगो को लेकर धरने पर बैठे वन्यजीव प्रेमी

Jaisalmer News: पश्चिमी राजस्थान में कड़े कानूनों के बावजूद हिरण शिकार की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. पिछले दिनों जैसलमेर के नेहड़ाई वन विभाग रेंज में हुए हिरण शिकार की घटना के बाद बिश्नोई समुदाय में आक्रोश देखने को मिल रहा है. बिश्नोई समुदाय की क्या डिमांड है और वन विभाग से गतिरोध की स्थिति क्यों बनी हुई है? जानिए इस रिपोर्ट में..

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Bishnoi Community In Jaisalmer

SB News Digital Desk, जैसलमेर: जिले के नहरी इलाके में हिरण शिकार की घटना के बाद वन विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं करने के बाद आज विश्नोई समाज (Vishnoi Samaj) समेत अन्य समाज के ग्रामीणों ने नेहड़ाई वन विभाग (Nehdai Forest Department) की ऑफिस के बाहर धरना लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हिरण शिकार के आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। वहीं आरोपी शिकारी व अन्य लोग प्रत्यक्षदर्शी को धमकियां देकर मामला दबाने की बात कर रहे हैं।

धरने पर बैठे ग्रामीणों के साथ वन्य जीव प्रेमी महिपाल विश्नोई ने बताया कि जब तक वन विभाग उन शिकारियों पर कार्रवाई नहीं करेगा तब तक उनका धरना जारी रहेगा। क्षेत्रीय वन अधिकारी, रेंज 58 आरडी, एसएमजीएस नेहड़ाई के आगे नहरी इलाके के ग्रामीणों का धरना जारी है और कई वन्य जीव प्रेमी इस धरने को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर इकट्ठा हो रहे हैं।

 

वन्य जीव प्रेमी महिपाल विश्नोई ने बताया कि 23 जनवरी को नहरी इलाके की चक 16 एसएलएम सुलताना में दो शिकारियों ने बंदूक से हिरण का शिकार किया। दोनों को शिकार करते ग्रामीण दिनेश कुमार ने देखा। दोनों शिकारियों ने हिरण का शिकार कर हिरण को जीप में डाला और दिनेश को बंदूक से धमकाते हुए मौके से फरार हो गए।

शिकार की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को देकर मौका मुआयना करवा कर, मौके पर हिरण के खून के धब्बे भी दिखाए। वन विभाग की टीम हिरण के खून के धब्बे और मिट्टी अपने साथ ले गई।

मगर आज दिन तक उन शिकारियों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की। महिपाल विश्नोई ने बताया कि शिकारी व अन्य लोग दिनेश विश्नोई को बार बार धमका रहे हैं। जबकि अभी तक वन वन विभाग ने शिकार का मामला भी दर्ज नहीं किया है।

  

धरने पर बैठे ग्रामीणों और विश्नोई समाज के वन्य जीव प्रेमियों (wildlife lovers protest in jaisalmer) ने वन विभाग से दोनों शिकारियों को नामजद कर उनके खिलाफ वन्य जीव अधिनियम के तहत व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही मारा गया हिरण व शिकार में इस्तेमाल जीप व बंदूक आदि बरामद करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने शिकारियों के पक्ष में धमकाने वाले लोगों को पाबंद कर दिनेश की जान माल की सुरक्षा करवाने की मांग की है।

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