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सरकार की तरफ से up के इन जिलो में 4 सोलर पॉवर प्लांट, 35000 करोड़ रुपये की आएगी लागत

 कोयला आधारित पावर प्लांट लगाने की बजाय राज्य सरकार ग्रीन एनर्जी के पावर प्लांट लगाने पर जोर दे रही है, जिससे प्रदूषण को कम किया जा सके। इसकी झलक आने वाले कुछ महीनों में होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) में देखने को मिलेगी। ग्रीनको, टस्को, बीएसईएल और एसीएमई क्लीनटेक जैसी बड़ी कंपनियां यूपी में अपना ग्रीन एनर्जी का प्लांट लगाने की तैयारी कर रही हैं।
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SB News Digital Desk: प्रदेश की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए अब राज्य सरकार का फोकस ग्रीन एनर्जी पर है। कोयला आधारित पावर प्लांट लगाने की बजाय राज्य सरकार ग्रीन एनर्जी के पावर प्लांट लगाने पर जोर दे रही है, जिससे प्रदूषण को कम किया जा सके। इसकी झलक आने वाले कुछ महीनों में होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) में देखने को मिलेगी। ग्रीनको, टस्को, बीएसईएल और एसीएमई क्लीनटेक जैसी बड़ी कंपनियां यूपी में अपना ग्रीन एनर्जी का प्लांट लगाने की तैयारी कर रही हैं।

बुंदेलखंड और पूर्वांचल में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की चार परियोजनाओं का शिलान्यास GBC में किया जाएगा। इसमें ग्रीनको ग्रुप की ओर से 17 हजार करोड़ से अधिक की ऑफ स्ट्रीम क्लोज लूप पंप स्टोरेज परियोजना सोनभद्र में स्थापित होगी, जो 3,660 MW बिजली का उत्पादन करेगी। इसके अलावा 1,000 MW की माताटीला फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना टस्को ललितपुर में करेगी।

 




 

कंपनी इस प्रॉजेक्ट में "6,500 करोड़ का निवेश करेगी। वहीं, बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिडेट की ओर से 1,200 MW का सोलर पॉवर पार्क जालौन में स्थापित किया जाएगा। ये परियोजना भी 6 हजार करोड़ की होगी। यही नहीं एसीएमई क्लीनटेक सॉल्यूशंस की ओर से 6,000 करोड़ की लागत से 1,250 MW की दो ऑफ स्ट्रीम क्लोज लूप पंप स्टोरेज परियोजनाएं प्रयागराज और मीरजापुर में स्थापित की जाएंगी।

उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के बाद GBC के प्रथम फेज में अक्षय ऊर्जा के अलावा कई और टॉप सेक्टर हैं, जो धरातल पर उतरने को पूरी तरह से तैयार हैं। इनमें यूपीसीडा में 1,00,218 करोड़ की 1081 परियोजनाएं, नोएडा में 56,679 करोड़ की 131 परियोजनाएं, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 51,036 करोड़ की 27 परियोजनाएं, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स में 49,337 करोड़ की 46 परियोजनाएं, आवास एवं शहरी नियोजन में 46,077 करोड़ की 688 परियोजनाएं, फूड प्रॉसेसिंग के सेक्टर में 42,280 करोड़ की 843 परियोजनाएं, ऊर्जा सेक्टर में 39,797 करोड़ की 6 परियोजनाएं, एमएसएमई में 38,157 करोड़ की 2390 परियोजनाएं और ग्रेटर नोएडा में 36,534 करोड़ की 119 परियोजनाओं का शिलान्यास के लिए तैयार है।

 

प्रदेश में अगले साल गर्मियों तक बिजली की मांग 30,000 MW के पार पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में राज्य सरकार का फोकस ग्रीन एनर्जी के जरिए बिजली उत्पादन बढ़ाने पर है, जिससे बिजली भी मिले और प्रदूषण भी न हो। विशेषकर बुंदेलखंड में सोलर पावर प्लांट सबसे अधिक लग रहे हैं।

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